नेगेटिव मार्किंग कैसे काम करती है
ज़्यादातर वस्तुनिष्ठ सरकारी परीक्षाओं में सही उत्तर पर प्रश्न के अंक मिलते हैं और गलत उत्तर पर उनका एक हिस्सा कटता है, अक्सर एक-चौथाई या एक-तिहाई। छोड़े गए प्रश्नों पर न अंक मिलते हैं, न कटते हैं। स्कोर = सही उत्तरों के अंक − गलत उत्तरों पर कटे अंक।
स्कोर = सही × अंक − गलत × अंक × कटौती का हिस्सा
आंसर की से अपना स्कोर जाँचें
प्रोविज़नल आंसर की आने पर उसे अपनी रिस्पॉन्स शीट से मिलाएँ और सही व गलत उत्तर गिनें। उन्हें यहाँ अपनी परीक्षा के पैटर्न के साथ डालें और अनुमानित स्कोर देखें, फिर पिछले वर्ष के कट-ऑफ से मिलाएँ। कई शिफ़्टों वाली परीक्षाओं में अंक नॉर्मलाइज़ हो सकते हैं, इसलिए अंतिम अंक थोड़े अलग हो सकते हैं।
उदाहरण
100 प्रश्नों की परीक्षा में, जहाँ हर प्रश्न 2 अंक का है और गलत उत्तर पर अंकों का एक-चौथाई (0.5) कटता है, 70 सही और 20 गलत उत्तरों से 70 × 2 − 20 × 0.5 = 200 में से 130 अंक मिलते हैं।